सुना है
कि उस पीपल के पेड़ पर
कबूतरों का जो घोंसला है
उससे अब आवाज़ें नहीं आती
लगता है चूज़ों के पर निकल आए हैं ।
सुना है
कि घर से निकलते समय, मैं जिस पतीले में
सुबह दूध छोड़ जाता हूँ
उसे आज किसी ने छुआ तक नहीं
लगता है आँगन की सभी बिल्लियाँ अब बूढ़ी हो चुकी हैं।
सुना है
कि जिस गलियारे में पहले
गिल्ली-डंडा की हलचल मचती थी,
वहां अब एक सुनसान बस्ती है
लगता है गली के सभी बच्चे थक गए हैं ।
सुना है
कि जो बच्चा कल मेरे हर चुटकुले पर
खिलखिला के हँस देता था
वो आज मेरी हर मज़ाक पर मुँह फेर लेता है
लगता है वो अब बड़ा हो गया है ।
शायद गलत सुना है ।
No comments:
Post a Comment