नज़्म-नज़्म - तीसरा अंतरा

(Sing this to the tune of the original and enjoy!)

कैसे ये कहूँ पिया
मुझमें तू है ज़्यादा
तुझ बिन मेरा होना
लगता है आधा

तू मेरा जुनूँ पिया
तू ही तन्हाई
तू ही मेरा खुदा
तू मेरी दुहाई (2)



तू ज़िक्र-ज़िक्र सा मेरे
गीतों में सँवर जा
मैं राग-राग सा तेरे
अल्फाज़ पुकारूँ रे

तू इश्क-इश्क सा मेरे
रूह में आ के बस जा
जिस ओर तेरी शहनाई
उस ओर मैं भागूँ रे

तू नज़्म-नज़्म सा मेरे ....

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